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खगोल विज्ञान केंद्र शक संवत 1879 (सन 1957–58) से राष्ट्रीय पंचांग प्रकाशित करता आ रहा है।
यह देश के विभिन्न भागों में प्रचलित पंचांग की विभिन्न पद्धतियों के एकीकरण तथा आधुनिक
वैज्ञानिक आधार पर पंचांग गणना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
राष्ट्रीय पंचांग हिंदी एवं अंग्रेजी के अतिरिक्त निम्नलिखित भारतीय भाषाओं में प्रकाशित
किया जाता है।
असमिया, बांग्ला, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु और उर्दू।
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